जुनैद पारेख की रिपोर्ट जिला कोंडागांव

कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, पूर्व वि.स. उपाध्यक्ष ने कहा “सत्य की जीत”
उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए कवासी लखमा को जेल में किया गया था बंद: संतराम नेताम।कवासी लखमा को जमानत मिलने पर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ”बस्तर के जननेता कवासी लखमा जी को ज़मानत मिल गई. समस्त प्रदेशवासियों, सभी बस्तरवासियों, समस्त आदिवासी समाज एवं कांग्रेसजनों को बधाई. उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए षड्यंत्रपूर्वक लखमा जी को जेल में बंद किया गया.कवासी लखमा जी आदिवासियों के हितचिंतक हैं, बस्तर के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं और कांग्रेस की मुखर आवाज़ हैं. लखमा जी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत ने एक बार फिर इस बात को दर्ज किया है, कि सत्य की लड़ाई में संघर्ष का सामना करना पड़ता है, लेकिन जीत सत्य की ही होती है.”। संतराम नेताम ने जमानत को सत्य की जीत बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कवासी लखमा को केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने मिलकर कथित शराब घोटाले में षड्यंत्रपूर्वक फंसाया। एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को महीनों तक राजनीतिक विद्वेष के चलते जेल में बंद रखा गया. संतराम ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं.”। कवासी लखमा को जमानत मिलने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने कांकेर में बड़ा बयान देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने साजिश के तहत एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा था। उन्होंने कहा कि “आज न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत हुआ है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता।” संतराम नेताम ने कवासी लखमा को जमानत मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके जेल से बाहर आने से कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी और पार्टी पूरी ताकत के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी। कवासी लखमा बस्तर क्षेत्र से कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं. वे सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं. नक्सल प्रभावित इलाके से आने वाले लखमा अपने बेबाक बयानों और जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। कार्यकर्ताओं ने की जमकर आतिशबाजी:जमानत की खबर मिलते ही केशकाल विधानसभा सहित पूरे कोंडागांव जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और इसे सत्य की जीत बताया। कई जगहों पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की।


