
विश्रामपुरी /जिला कोंडागांव -भारतीय जनता पार्टी की राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने, नाम बदलने तथा इसे समाप्त करने के कथित प्रयासों के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत मंगलवार, दिनांक 13 जनवरी 2026 को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बड़ेराजपुर के तत्वावधान में विश्रामपुरी में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया।

धरना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती फूलोदेवी नेताम जी, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस (छत्तीसगढ़) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि घोष , जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कोंडागांव ने की।धरना प्रदर्शन में विशेष रूप से अमीन मेमन (प्रदेश अध्यक्ष, अल्पसंख्यक विभाग), महेन्द्र नेताम (प्रदेश अध्यक्ष, पंचायती राज संगठन), माहंगु मरकाम (प्रदेश सचिव, कांग्रेस कमेटी), श्रीमती राज मरकाम (जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस), राजेश नेताम (ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी), जेठू मण्डावी (जिला अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस), हीरालाल नेताम (जिला अध्यक्ष किसान कांग्रेस), रामचरण सोरी (जिला पंचायत सदस्य), पिताम्बर नाग (जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस) की विशेष उपस्थिति रही।इसके अतिरिक्त इमरान आडवानी , कमलेश ठाकुर (कार्यकारी अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी), दानी मरकाम, शिव मण्डावी, सुकमन नेताम (जनपद अध्यक्ष, बड़ेराजपुर), नारायण नेताम (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत), ज्ञानदास कोर्राम (सचिव, जिला कांग्रेस कमेटी), साजिद आडवाणी, संजय मरकाम, संतोषी नेताम, श्रीमती प्रमिला मरकाम, श्रीमती श्यामा साहू, श्रीमती सुरेखा मरकाम, पुंजलता मरकाम, श्रीमती सुशीला नेताम, जेटू मरकाम, बुधमन मरकाम, हिरिया सियान, अभीराम राय, बंशी मण्डावी, ताम्रध्वज नेवरा, कुंवर सोरी, नथलु सोरी, अमीर खान (गुड्डा), अनिमेष राय एवं धनंजय चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों और किसानों की जीवनरेखा है, जिसे भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास, बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और कार्य दिवस घटाना सीधे तौर पर गरीबों के हक पर हमला है।वक्ताओं ने राज्य की भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को आंख मूंदकर लागू कर रही है और मजदूरों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा कानून से छेड़छाड़ या नाम परिवर्तन का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।धरना प्रदर्शन में जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, मंडल–सेक्टर–बूथ स्तर के कांग्रेसजन एवं जिला व जनपद के निर्वाचित जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर मनरेगा की रक्षा और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। इस दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और मनरेगा कानून को यथावत बनाए रखने की पुरजोर मांग की गई।



